Kisan Mahapanchyat : हरियाणा में किसान आंदोलन पर हुई राजनीति तेज

करनाल में किसान महापंचायत में किसानों के उग्र तेवर दिखाई दिए। पुलिस प्रशासन को किसानों को काबू में करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा। अब किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस नेता भाजपा सरकार पर कई आरोप लगा रहे हैं।

नई दिल्ली। करनाल में किसानों ने महापंचायत किया। केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार को खूब बुरा भला कहा। इसके साथ ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेता हरियाणा सरकार पर सियासी हमला कर रहे हैं।

किसान संगठनों के नेताओं ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। इसके बाद किसानों ने मुख्यालय का घेराव करने का फैसला करते हुए कूच कर दिया । प्रदर्शनकारी किसानों ने करनाल में मिनी सचिवालय का घेराव किया। किसान आंदोलन को लेकर योगेन्द्र यादव ने कहा कि अभी घेराव शुरू हुआ है, हमारा संकल्प था कि मिनी सचिवालय का घेराव करेंगे। हमने तमाम मुश्किलों के बाद घेराव कर लिया और अब हमारी पहली प्राथमिकता है कि हम घेराव को सफल करें और उसके बाद हम निर्णय लेंगे कि कितनी देर बैठना है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी का कहना है कि जहाँ हर-हर अन्नदाता, घर-घर अन्नदाता वहाँ किस-किस को रोकोगे?

वहीं, करनाल में आज किसानों पर वाटर कैनन चलने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर ने ये सोच लिया है कि मुझे किसानों पर इतना अत्याचार करना है कि किसान तौबा कर जाए। हरियाणा इस समय किसानों पर अत्याचार की धरती बन गई है।
इससे पहले करनाल में किसान महापंचायत को शांतिपूर्ण से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से कई कदम उठाए गए। बड़ी संख्या में किसान मंगलवार को सुबह ही ट्रैक्टरों, मोटरसाइकिलों और कारों में सवार होकर अनाज मंडी पहुंचे थे। इसके बाद 11 किसान नेताओं के डेलिगेशन को अधिकारियों ने बातचीत के लिए बुलाया था। सीनियर किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्रहन नने बताया कि प्रशासन के साथ हमारी बातचीत फेल रही है क्योंकि वे हमारी मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। जब वार्ता विफल हुई और आंदोलनकारी हटने को तैयार नहीं थे, तो पुलिस की ओर वाटर कैनन आदि का इस्तेमाल भी किया गया।