नई दिल्ली। करोडों लोगों की आस्था से जुडी अयोध्या में बनने वाले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर नया बवाल उठा है। कहा जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी चंपत राय की ओर से जमीन में हेराफेरी की गई है। रविवार को यह मामला प्रकाश में आया और उसके बाद राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा गया है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि जमीन की रजिस्ट्री के दोनों कागजों पर श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा गवाह के तौर पर मौजूद हैं। दोनों कागजों पर दूसरे गवाह भाजपा के प्रमुख नेता और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय हैं। इसका मतलब साफ है कि 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पांच मिनट में 18.5 करोड़ रुपये में खरीदने के निर्णय की राममंदिर निर्माण ट्रस्ट के न्यासियों को पूरी जानकारी थी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उच्चतम न्यायालय से आग्रह भी किया कि वह मंदिर निर्माण के चंदे के रूप में प्राप्त राशि व खर्च का न्यायालय के तत्वाधान में ऑडिट करवाए।
कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इसको लेकर बयान जारी किया गया है।
दुनिया के इतिहास में ₹5.5 लाख प्रति सेकंड के हिसाब से बढ़ने वाली अनूठी यह अकेली ही जमीन है, जो चंद पलों में ₹16.5 करोड़ बढ़ गयी: श्री @rssurjewala #BJP_का_श्रीराम_को_धोखा pic.twitter.com/pZYylutl23
— Congress (@INCIndia) June 14, 2021
बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की थी। चंपत राय ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोपों से नहीं डरते तथा इन आरोपों का अध्ययन करेंगे।
उसके कुछ देर बाद विश्व हिंदू परिषद के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से चंपत राय का बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक दुर्भावना से इस प्रकार की बयानबाजी हो रही है।
श्री @ShriRamTeerth के महा सचिव श्री @ChampatRaiVHP जी का प्रेस वक्तव्य: pic.twitter.com/hCmBnbEyuT
— Vishva Hindu Parishad -VHP (@VHPDigital) June 13, 2021
वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने विश्वहिंदू परिषद के चंपत राय सहित केंद्र सरकार और इस अभियान से जुडे लोगों की निष्ठा पर सवाल उठाया है। चम्पत राय का झूठ पकड़ा गया। उन्होंने कहा “अंसारी और तिवारी ने पहले से ही हरीश पाठक से सस्ते में रजिस्टर्ड अनुबंध किया था और महँगा बेचा” जबकि बैनामे के काग़ज़ में साफ़ लिखा है “विक्रित ज़मीन सभी प्रकार के भारों-प्रभारों से मुक्त है” तो क्या कोई फ़र्ज़ी कागज बना रहे हैं चम्पत जी?
चम्पत राय का झूठ पकड़ा गया।
उन्होंने कहा “अंसारी और तिवारी ने पहले से ही हरीश पाठक से सस्ते में रजिस्टर्ड अनुबंध किया था और महँगा बेचा”
जबकि बैनामे के काग़ज़ में साफ़ लिखा है “विक्रित ज़मीन सभी प्रकार के भारों-प्रभारों से मुक्त है” तो क्या कोई फ़र्ज़ी कागज बना रहे हैं चम्पत जी? pic.twitter.com/jkEOlS3ccI— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) June 14, 2021
इसको लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया उबाल आता दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस कथित जमीन घोटाले को लेकर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने भगवान राम से भाजपाई धोखे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राम जन-जन की आस्था के प्रतीक हैं और ये धोखाधड़ी जनता के विश्वास पर प्रहार है।#BJP_का_श्रीराम_को_धोखा pic.twitter.com/3t2MPi5hvd
— Congress (@INCIndia) June 14, 2021















