तीर लगा निशाने पर ,टूट गई लोजपा तो खंडहर हो गया रामविलास के सपनों का घर

जब चिराग का कहीं का न छोड़ते हुए पार्टी के 5 लोकसभा सदस्यों के बीच संसदीय दल का नेता ही नही चुना गया बल्कि लोजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी। इस तरह इस ऑपरेशन के सफल शल्य चिकित्सक साबित हुए ।

यूपी चुनाव को देखते हुए ये कहना अतिश्योक्ति नही होगी कि नीतीश कुमार की नज़र 2024 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव पर है साथ मे 2022 के यूपी चुनाव पर भी है। चूंकि मायावती का यूपी में ब्राह्मण-दलित वोट का तिलस्म टूट चुका है ऐसे में नीतीश कुमार की बिहार वाली छवि यूपी में कारगर हो सकती है। अब देखना ये है कि लोकसभा में नीतीश कुमार के सदस्यों की संख्या बढ़ने से भाजपा का इनके प्रति क्या रूख रहता है।

यूपी चुनाव को देखते हुए ये कहना अतिश्योक्ति नही होगी कि नीतीश कुमार की नज़र 2024 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव पर है साथ मे 2022 के यूपी चुनाव पर भी है। चूंकि मायावती का यूपी में ब्राह्मण-दलित वोट का तिलस्म टूट चुका है ऐसे में नीतीश कुमार की बिहार वाली छवि यूपी में कारगर हो सकती है। बिहार में विगत 15 वर्षों से सत्तासुख झेल जदयू पार्टी चिराग की लपट में लहूलुहान हो गई मात्र 43 विधायक ही जीत पाए जदयू को एक तरह से शर्मिंदगी की स्थिति में ला खड़ा किया वो तो भाजपा की भलमनसाहत की कम विधायक होने के वावजूद नीतीश को सीएम बनाया वरना नीतीश कुमार की क्या स्थिति होती समझ सकते है ।

चिराग के दिये दर्द से कराह रहे नीतीश ने ठान लिया कि अब चिराग को तहस नहस कर दिया पहले तो उनहोंने झटका दिया उसके एकमात्र विधायक को जदयू में लाकर और फिर पासवान बंधुओ के रिश्तेदार विधानसभा के उपा अध्यक्ष महेश्वर हजारी को ऑपरेशन चिराग की रणनीति को सफलता दिलाने की जिम्मेवारी दी गई। हजारी पासवान बंधुओ के रिश्ते में ममेरे भाई है वो विगत दो महीने से तय रणनीति पर गोपनीय तरीके से काम कर रहे थे और कल वो शुभ दिन आ गया जब चिराग का कहीं का न छोड़ते हुए पार्टी के 5 लोकसभा सदस्यों के बीच संसदीय दल का नेता ही नही चुना गया बल्कि लोजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी। इस तरह इस ऑपरेशन के सफल शल्य चिकित्सक साबित हुए ।

अब सवाल है कि इसके बाद लोजपा सांसदों के जदयू में शामिल होंगे तो जवाब नही क्योकि अब चिराग वाली लोजपा नही बल्कि नीतीश संरक्षित लोजपा होगी ।वैसे सांसदों के कुनबे बढ़ जाने के बाद नीतीश कुमार यूपी चुनाव में ज्यादा कंफर्ट महसूस करेंगे यूपी चुनाव को ध्यान में रखकर ही तय सीमा में यह ऑपरेशन किया गया ।