Madhya Pradesh News : बच्चों का कुपोषण खत्म करने के लिए जन-आंदोलन जरूरी : मुख्यमंत्री

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चों में कुपोषण की समाप्ति और उनके स्वास्थ्य स्तर में सुधार के कार्य के लिए जन-आंदोलन जरूरी है। प्रदेश में इसी उद्देश्य से जन-सहयोग प्राप्त कर प्रयासों को गति दी जा रही है। कोरोना काल में सक्रिय रही क्राइसेस मैनेजमेंट समितियों, अंत्योदय समितियों के सदस्यों और स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाते हुए आँगनवाड़ियों को सक्षम बनाने के अभियान को गति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में शिशु-मातृ मृत्यु दर कम करने के संबंध में राज्य शासन द्वारा गठित टास्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। टास्क फोर्स समिति ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के समक्ष अंतरिम प्रतिवेदन प्रस्तुत कर प्रजेंटेशन द्वारा किए गए अध्ययन की जानकारी दी। टॉस्क फोर्स की तरफ से सुश्री शमिका रवि, प्रो. रमेश अग्रवाल और प्रो. सुपर्णा घोष ने प्रतिवेदन सौंपा। मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्री अशोक शाह, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाडे़ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टॉस्क फोर्स द्वारा तैयार अंतरिम प्रतिवेदन समिति के सदस्यों द्वारा विस्तृत अध्ययन और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के बाद तैयार किया गया है। इस प्रतिवेदन के प्रकाश में राज्य शासन स्वास्थ्य विभाग, महिला-बाल विकास विभाग और विषय विशेषज्ञों से परामर्श कर शीघ्र ही आवश्यक रोडमैप तैयार करेगा। जन-भागीदारी से आवश्यक कार्य-योजना भी लागू की जाएगी। लाड़ली लक्ष्मी बेटियों द्वारा भी सामाजिक दायित्व वहन करने की मंशा व्यक्त की गई है। कुपोषण के कलंक से हमें मुक्ति पाना है। कुपोषण समाप्ति के कार्य में इन बेटियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रस्तुत प्रतिवेदन के लिए टॉस्क फोर्स के सदस्यों को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त और सक्षम बनाने के लिए निरंतर जन-सहयोग प्राप्त हो रहा है। भोपाल और इंदौर नगरों में आँगनवाड़ी केंद्रों के लिए न सिर्फ खिलौने बल्कि कूलर, पंखे, फर्नीचर, टीवी सेट, अध्ययन सामग्री, पुस्तकें और कम्प्यूटर सहित विभिन्न शिक्षण उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। आम नागरिकों, जन-प्रतिनिधियों, व्यापारियों, शासकीय सेवकों और स्वैच्छिक संगठनों ने इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। आँगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थ और अनाज इत्यादि मुहैया करवाने के लिए भी जनता विशेषकर किसानों ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है। सामाजिक स्तर पर आ रही जागृति उल्लेखनीय है। बच्चों के कुपोषण को समाप्त कर उनके स्वास्थ्य के स्तर को ऊँचा उठाने में मदद मिलेगी।