पुण्यतिथि पर याद किए जा रहे हैं महात्मा गांधी

राष्ट्रपिता ने सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को आजाद कराया। आजादी की लड़ाई में गांधी जी का अंहिसा का आंदोलन दुनिया में बेमिसाल हैं। अंतर्राष्ट्रीय जगत में गांधी जी पर कई देशों में शोध किये जा रहे हैं।

नई दिल्ली। 30 जनवरी, 1948 को ही संध्या वंदन के समय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोलियों से छलनी कर दिया था। आज पूरा देश पुण्यतिथि पर अपने बापू को याद कर रहा है। उनकी मूर्तियों पर माल्यार्पण किया जा रहा है। उनके बताए मार्गों के अनुसरण की शिक्षा दी जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट करके बापू को याद किया है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी ने आज ट्विट किया है और कहा है कि जहां सत्य है, वहां बापू आज भी जिंदा हैं।

इसके कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर इस प्रकार का ट्विट करके पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के वोटरों को एक संदेश दिया है।

गांधी जी के कई सिद्धांत तो सूत्र वाक्य की तरह प्रसिद्ध थे। इनमें से एक था पापी से नहीं पाप से घृणा करो। गांधी जी ने यह सिद्धांत अपने जीवन में भी उतारा, वे अंग्रेजी शासन के खिलाफ थे, लेकिन फिर भी बहुत से अंग्रेज उनके मित्र थे। यहां तक कि जिस जेल में वे जाते थे वे उनसे मित्रवत बर्ताव ही करते थे। उनके इसी बर्ताव के आगे अंग्रेज कई बार खुद को उनके आगे असहाय महसूस करते थे।

स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी, अहिंसावादी, राष्‍ट्रनायक के नाम से बुलाए जाने वाले गांधी को प्‍यार से महात्‍मा गांधी, बापू, और राष्‍ट्रपिता कहकर इसलिए पुकारा गया क्‍योंकि उन्‍होंने देश को आजाद कराने में प्रमुख भूमिका अदा की और ब्रितानिया सरकार को बेआबरू होकर देश छोड़ने के लिए विवश किया। बेशक देश की आाजादी के आंदोलन में गांधी के अलावा भी अनेक देशवासियों ने और स्‍व्‍तत्रता सेनानियों ने अपने अपनी जान निछावर की हैं, तभी देश आज़ाद हुआ है।