स्काईस्कैनर ने खुलासा किया, भारत में जेन ज़ी की लगभग आधी आबादी पहली बार अकेले विदेश जाने के लिए तैयार

81 प्रतिशत जेन ज़ी का यात्रा का सपना उनकी पहली नौकरी लगने या पहली तनख्वाह पाने के बाद पूरा होता है।

 

 

नई दिल्ली। ग्लोबल ट्रैवल मार्केटप्लेस, स्काईस्कैनर ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट ‘फर्स्ट ट्रिप विद स्काईस्कैनर’ जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत में जेन ज़ी (18 से 25 साल) के लोगों में यात्रा की बढ़ती तलब का खुलासा हुआ है। उनमें से लगभग आधे (47 प्रतिशत) अपने माता-पिता या अभिभावकों के बिना विदेश में अकेले यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जो नए एडवेंचर पर निकलने और खोज करने की उनकी गहरी इच्छा (49 प्रतिशत) के कारण है। इससे भी ज्यादा दिलचस्प यह है कि जेन ज़ी की इस रुचि में उनकी वित्तीय स्वतंत्रता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, और 81 प्रतिशत लोग विदेश यात्रा की शुरुआत अपनी पहली नौकरी मिलने या अपना पहला वेतन मिलने के बाद करने की योजना बना रहे हैं।

पहली विदेश यात्रा पूरे विश्व के युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करती है। कई बार यह ग्रेजुएशन की खुशी मनाने के लिए की जाती है, लेकिन भारत में यह तभी संभव हो पाती है, जब वो अपनी पहली नौकरी शुरू करते हैं। विदेश यात्रा का सपना पूरा करने के लिए भारत में हर 3 में से 2 युवा मेहनत से बचत कर रहे हैं, जबकि हर 5 में से 1 युवा बाय-नाउ-पे-लेटर विकल्पों का उपयोग करते हैं।

इस सर्वे में यात्रा के व्यवहारों के साथ यह भी बताया गया कि जेन ज़ी अपने माता-पिता या अभिभावकों के बिना अकेले पहली यात्रा करने की तैयारी करते हुए किन बातों का ख्याल रखते हैं। यात्रा की इन इच्छाओं को समझकर स्काईस्कैनर का उद्देश्य युवा मुसाफिरों को अपनी प्राथमिकताओं को समझने और उन्हें आवश्यक संसाधन प्रदान करने में सहयोग देना है ताकि वो अपनी यात्रा से पहले प्रभावशाली प्लानिंग कर सकें और सर्वश्रेष्ठ डील्स प्राप्त कर सकें।

स्काईस्कैनर के ट्रैवल एवं डेस्टिनेशन एक्सपर्ट, मोहित जोशी ने कहा, ‘‘भारत में जेन ज़ी खोजने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। चाहे सेमेस्टर ब्रेक या लंबे वीकेंड पर घूमने की इच्छा हो (42 प्रतिशत) या जन्मदिन, वर्षगाँठ, या ग्रेजुएशन जैसे अवसरों की खुशी मनानी हो (39 प्रतिशत), यात्रा करने का उनका जोश हर अवसर पर होता है। उनके यात्रा साथी के रूप में हम उन्हें अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने में समर्थ बनाना चाहते हैं और उन्हें आवश्यक संसाधन और टूल्स प्रदान करना चाहते हैं, ताकि वो अपनी पहली यात्रा बिना किसी दिक्कत के कर सकें। स्काईस्कैनर में सर्च फीचर्स, जैसे ‘प्राईस अलर्ट’ का उपयोग करके या ‘चीपेस्ट मंथ’ टूल की मदद से भारतीय यात्री उड़ान सेवाओं पर औसतन 32 प्रतिशत की बचत कर सकते हैं।’’

जो युवा लगातार खोज करना चाहते हैं, उनके लिए स्काईस्कैनर में ‘एवरीव्हेयर’ फीचर है, जो अपनी पसंद की यात्रा की तारीखों के लिए दुनिया में सबसे सस्ते स्थानों की सूची देता है। साथ ही, ‘मल्टी-सिटी फ्लाईट सर्च’ द्वारा यात्री अपनी यात्रा की योजना बनाते हुए एक साथ 6 मार्गों तक की खोज कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपने बजट के अनुरूप उड़ानों और समय का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन मिल जाता है।

पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर और ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर, मोनिका गुवालानी ने यात्रा की योजना बनाने में वित्तीय स्वतंत्रता की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा का सपना पूरा करने के लिए स्मार्ट मनी मूव्स की जरूरत होती है। कुछ महीने पहले मैंने 9-टू-5 जॉब छोड़कर एक डिजिटल नोमैड लाईफस्टाईल अपनाया, जो मेरे वित्तीय रूप से समझदार हैक्स द्वारा संभव हुआ। ऐसे कई तरीके हैं, जो वित्तीय भार डाले बिना आपकी यात्रा करने की इच्छा पूरी कर सकते हैं। इसकी शुरुआत आप एक ट्रैवल फंड बनाकर करें और हर माह उसके लिए कुछ पैसा अलग रख दें। एक यात्री के रूप में मैं स्काईस्कैनर के टूल्स पर भरोसा करती हूँ, जो मुझे कई तरीकों से अच्छी डील प्राप्त करने में मदद करते हैं। यह ब्रांड यात्रा की प्लानिंग में हमेशा इनोवेटिव तरीके पेश करता है। इसने हाल ही में मोबाईल ऐप पर ‘सेव्ड’ फीचर लॉन्च किया है, जो हार्ट बटन पर टैप करने के बाद आपको विभिन्न स्थानों के लिए कीमतों में परिवर्तन के अलर्ट समय पर प्रदान करता रहता है। यह आपका व्यक्तिगत ट्रैवल असिस्टैंट है, जो आपको हमेशा सूचित रखता है।’’