नई दिल्ली। त्यौहारों के मौसम में भी दिल्ली की आबो हवा सुधर नहीं रही है। प्रदूषण अभी भी खतरनाक श्रेणी में है। लोग बीमार हो रहे हैं। डॉक्टरों के पास प्रदूषण जनित बीमारियों से ग्रसित होकर लोग पहुंच रहे हैं। आंखों में जलन, अस्थमा के मरीज, सांसों की दिक्कत आम समस्या हो गई है।
बुधवार को दिल्ली में लागातार दूसरे दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। आज दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 है। यमुना नदी में जहरीले झाग को हटाने के लिए बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है और पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
राजघानी से सटे गाजियाबाद-नोएडा में भी प्रदूषण गंभीर स्थिति में हैं। कल गाजियाबाद में AQ1 412 रहा। तो वहीं नोएडा में AQI 451 दर्ज किया गया तो वहीं सोमवार को आगरा में AQI 486, फरीदाबाद में AQI 430, ग्रेटर नोएडा में AQI 412, गुरुग्राम में AQI 368 और नोएडा में AQI 426 रहा।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को कहा कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए धूल विरोधी अभियान का दूसरा चरण 12 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलाया जाएगा। सरकार 11 नवंबर से 11 दिसंबर तक खुले में कचरा जलाने के खिलाफ अभियान भी चलाने जा रही है। इससे पहले गोपाल राय ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने इस सिलसिले में पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है।
There are 4 main sources of Pollution in Delhi for which Kejriwal govt has launched:
🪨Anti-dust campaign for Dust Pollution
🚦'Red light on Gaadi off' campaign for Vehicular Pollution
🌾Pusa Bio De-composer for Stubble Pollution
🔥& now 1 month long 'Anti Open Burning Campaign' pic.twitter.com/QSu9pNQjjm— AAP (@AamAadmiParty) November 9, 2021















