राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते हो रहे हैं बंद

देश में निजीकरण का विरोध हो रहा है। केंद्र सरकार के निर्णय पर राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं। रोजगार का हवाला दिया है। महंगाई को लेकर सवाल किए हैं। पलटवार केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कर रही हैं। क्या है इसके पीछे की सच्चाई ?

नई दिल्ली। एक ओर महंगाई और दूसरी ओर रोजगार के साधनों में कमी। आखिर देश के युवाओं के लिए कौन -सा विकल्प बचा रहेगा। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जैसे ही एकाधिकार बनता जाएगा उसी तेज़ी से आपको रोज़गार मिलना बंद हो जाएगा। इस देश में जो छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं जो कल आपको रोज़गार देंगे वो सब बंद हो जाएंगे, ख़त्म हो जाएंगे। 3-4 व्यवसाय रहेंगे इनको रोज़गार देने की कोई ज़रूरत नहीं रहेगी।

मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान की पूंजी बेची जा रही है, ये आपके भविष्य पर आक्रमण है। नरेंद्र मोदी जी अपने 2-3 उद्योगपति मित्रों के साथ हिन्दुस्तान के युवा पर आक्रमण कर रहे हैं, इसे आप अच्छी तरह समझिए। सारे के सारे निजीकरण एकाधिकार बनाने के लिए किए जा रहे हैं। पावर, टेलीकॉम, वेयर हाउसिंग, माइनिंग, एयरपोर्ट, पोर्ट्स ये सब एकाधिकार बनाने के लिए किया जा रहा है। आप जानते हो पोर्ट्स किसके हाथ में हैं, एयरपोर्ट किसको मिल रहे हैं। नरेंद्र मोदी और भाजपा का एक नारा था कि ’70 साल में कुछ नहीं हुआ’ और कल वित्त मंत्री ने जो भी 70 साल में इस देश की पूंजी बनी थी उसे बेचने का फैसला ले लिया है, मतलब प्रधानमंत्री ने सब कुछ बेच दिया।

असल में, राहुल गांधी का यह मीडिया संबोधन सोमवार को हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के कई घोषणाओं के बाद हुआ। राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए अमेठी की सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि 2008 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के संदर्भ में एक आरएफपी तब घोषित हुआ जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। क्या राहुल गांधी का ये आरोप है कि जिस सरकार की मुखिया उनकी माता जी थी वे सरकार देश बेचने का दुस्साहस कर रही थी। पारदर्शिता के साथ जिस सरकार ने राष्ट्र की तिजोरी को भरने का काम किया और कांग्रेस के लुटेरों से सुरक्षित किया उस सरकार पर छींटाकशी करने का राहुल गांधी का प्रयास है।