नई दिल्ली। एक ओर कोरोना, दूसरी ओर महंगाई। देश के इन समस्याओं के साथ जूझ रहा है। इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने कई अहम बातें कीं। शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 प्रतिशत रहेगा। सीपीआई मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.1% रहने का अनुमान है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने कहा कि एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 प्रतिशत रहेगा। रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 प्रतिशत रहेगा। 2021-22 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.5% है। यह पहली तिमाही में 18.5%, दूसरी तिमाही में 7.9%, तीसरी तिमाही में 7.2% और चौथी तिमाही में 6.6% रहेगी।
उन्होंने कहा कि रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 प्रतिशत रहेगा। वहीं एमएसएफ रेट और बैंक रेट भी किसी बदलाव के साथ 4.25 प्रतिशत रहेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अच्छे मॉनसून से इकॉनमी का रिवाइवल संभव है। RBI की कमिटी ने फैसला किया है कि जब तक Covid-19 का खत्म नहीं होता है तब तक मौद्रिक रुख को ‘उदार’ बना रहेगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार उम्मीद से बेहतर जीडीपी के आंकड़ों से एमपीसी ग्रोथ पर थोड़ी राहत मिली है। जीडीपी का अनुमान से बेहतर प्रदर्शन ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी को राहत दी है। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को कई लोग सकारात्म नजरिए से देख रहे हैं। शेयर बाजार ने भी हिचकोलें नहीं खाए। आरबीआई ने अप्रैल में हुई पिछली एमपीसी बैठक में प्रमुख ब्याज दरों कोई बदलाव नहीं किया था। बता दें कि लगातार छठी बार रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35 % में कोई बदलाव नहीं किया गया है।