गया (बिहार)। गया जिले के अतरी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक रंजीत यादव की सभा के दौरान एक विवादित नारा ‘भूरा बाल साफ करो’ गूंजा, जिससे राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। यह नारा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और वीडियो के सामने आते ही सियासी हलकों में घमासान मच गया है।
सभा के दौरान विधायक रंजीत यादव मंच पर मौजूद थे। इसी बीच एक व्यक्ति ने मंच से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का हवाला देते हुए यह नारा लगाया। वायरल वीडियो में वह व्यक्ति कहता दिख रहा है—
“लालू जी ने पहले ही कहा था भूरा बाल साफ करो, अब फिर वही समय आ गया है।”
इस बयान के तुरंत बाद सभा में मौजूद लोगों की ओर से तालियों की गूंज सुनाई देती है।
इस विवादित बयान के बाद बिहार की राजनीति उबाल पर है। बीजेपी और जेडीयू ने राजद पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने कहा—
“राजद बिहार को फिर से 90 के दशक में ले जाना चाहता है। तेजस्वी यादव A to Z की बात करते हैं, लेकिन मंच पर जो हो रहा है, वही राजद का असली चेहरा है।”
वहीं जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस तरह के नारों से सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचती है।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर राजद ने सफाई दी है। राजद के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व विधायक शक्ति यादव ने कहा—
“यह नारा मुनारिक यादव नाम के व्यक्ति ने दिया है, जो न तो पार्टी का सदस्य है और न ही अधिकृत कार्यकर्ता। यह सब भाजपा के इशारे पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है। राजद A to Z की पार्टी है, जो सभी जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलती है।”
गौरतलब है कि ‘भूरा बाल साफ करो’ नारा 1990 के दशक में बेहद विवादास्पद रहा है। यह नारा भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ (लाला) जैसी सवर्ण जातियों के खिलाफ माना गया था। अब इस नारे के पुनः मंच से गूंजने पर विधायक रंजीत यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
यह घटना न सिर्फ सामाजिक समीकरणों को झकझोरने वाली है, बल्कि राजद की वर्तमान राजनीति पर भी सवाल खड़े करती है, जो खुद को ‘सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी’ के रूप में पेश कर रही है।
अब देखना है कि तेजस्वी यादव और राजद नेतृत्व इस विवाद से कैसे निपटते हैं, क्योंकि यह नारा उन्हें फिर से जातिगत राजनीति के पुराने दौर में घसीटता नजर आ रहा है।





















