नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों को हटाने की मांग को लेकर किसान संगठनों के समर्थन में कई सांसद आ गए हैं। सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। हंगामा देखकर राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में भी विपक्षी सांसद सरकार से किसानों के मुद्दों पर जवाब मांग रहे हैं। लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
संसद भवन परिसर में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी के साथ पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने 3 कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसदों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि तुम्हारी सत्ता की भूख ने लाखों को दाने-दाने को तरसा दिया- तुमने लेकिन कुछ ना किया, बस रोज़ नया जुमला दिया।
कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम किसानों के मुद्दों को सदन में उठा रहे हैं। किसान हमारी रीढ़ की हड्डी है। किसानों के बिना हम जी नहीं सकते। उस आवाज को उठाना ज़रूरी है और हम उठाएंगे।
Shri @RahulGandhi & Congress MPs protest in support of farmers at Parliament House. pic.twitter.com/QmXjzFqH57
— Congress (@INCIndia) July 22, 2021
दूसरी ओर किसान संगठनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस उन्हें घुमा रही है। बिना कारण रास्ता को लंबा किया जा रहा है, ताकि जंतर मंतर पर देर से पहुंचा सके। सिंधु बॉर्डर पर एक किसान नेता ने कहा कि पुलिस जानबूझकर यहां घुमा रही है। ये हमारा समय बर्बाद कर रहे हैं। हमारा रूट पहले से तय था। बसों के जरिए सिंघु बॉर्डर से जंतर मंतर जाना था फिर उतरकर पार्लियामेंट जाना था लेकिन कह रहे हैं कि कॉलोनी से जाए। इतने पुलिस बल की ज़रूरत नहीं थी।
आम आदमी पार्टी (AAP) के लोकसभा सांसद भगवंत मान ने कहा कि कृषि कानूनों के वापस लेने के सिवा और कोई विकल्प नहीं है। नरेंद्र सिंह तोमर बयान देते हैं कि हम किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार हैं, बस वे 3 कानूनों को वापस लेने की बात न करें। तो फिर और क्या बात करें?
असल में, पिछले साल सितंबर में लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर से चर्चा में है। कानूनों को निरस्त करने की माँग को लेकर किसान बीते कई महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ मंगलवार (20 जुलाई) को हुई बैठक में किसान नेता ने कहा कि हम अपनी माँगों को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। कोई भी प्रदर्शनकारी संसद नहीं जाएगा, जहाँ मॉनसून सत्र चल रहा है। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने और संसद भवन के पास एकजुट होने के लिए सख्त मना किया है। पुलिस ने उन्हें कोविड दिशा-निर्देशों के कारण अपनी विरोध योजना पर पुनर्विचार करने की भी सलाह दी है।















