अमेरिका ने कहा कि भारत नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अमेरिका ने उम्मीद जताई कि अगर रूस यूक्रेन पर आक्रमण करता है तो भारत अमेरिका का साथ देगा । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि चार देशों (क्वाड) के विदेश मंत्रियों के बीच हाल में मेलबर्न में हुई बैठक में रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा हुई। भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्री इस बैठक में शामिल हुए थे। प्राइस ने कहा, ‘‘बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि इस मामले के राजनयिक-शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है। क्वाड नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने का पक्षधर है।’’
प्रवक्ता ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘नियम आधारित व्यवस्था हिंद प्रशांत क्षेत्र में समान रूप से लागू होती है, जैसे कि यह यूरोप में है या अन्य कहीं है। हम जानते हैं कि हमारे भारतीय साझेदार नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। इस व्यवस्था में अनेक नियम हैं, उनमें से एक यह है कि बल के जरिए सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं हो सकता।’’
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, रूस अपने फ्लैग ऑपरेशन के बहाने से यूक्रेन पर कई और हमले कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका को जाहिर कर चुके हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने यूक्रेन में जारी संकट के राजनयिक समाधान तलाशने की अपील की है। यहां तक कि रूस के उप विदेश मंत्री ने भी कहा कि सारे प्रयास राजनयिक समाधान तलाशने की दिशा में ही होने चाहिए, लेकिन उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की उस अपील पर कोई जवाब नहीं दिया कि वह स्पष्ट कहें कि रूस यूक्रेन पर आक्रमण नहीं करेगा।





















