पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर सियासी तूफान, विपक्ष ने सरकार को घेरा, भाजपा ने किया बचाव

 

नई दिल्ली/पटना। बिहार की राजधानी पटना में प्रतिष्ठित व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हत्याकांड को लेकर विपक्ष ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा है, वहीं भाजपा नेताओं ने मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

दिल्ली से कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। पटना में आए दिन हर चौराहे पर हत्याएं हो रही हैं और सरकार आंखें मूंदे बैठी है। शासन-प्रशासन के लोग जैसे कान में तेल डालकर सोए हैं। गोपाल खेमका एक प्रतिष्ठित व्यवसायी थे और मेरे परिचित भी थे। कुछ साल पहले उनके बेटे की भी हत्या हुई थी। जब से मैंने उनकी हत्या की खबर सुनी है, स्तब्ध हूं। अगर नीतीश कुमार ठीक मनःस्थिति में होते, तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देते। उन्होंने 8 करोड़ जनता को राम भरोसे छोड़ दिया है।”

राजद सांसद मनोज झा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा, “बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है। अपराधियों को लगने लगा है कि अब सरकार उनकी है। यह शर्मनाक है कि राज्य को इस हाल में ला दिया गया है।”

सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने घटना को शर्मनाक बताया और कहा, “जो लोग जंगलराज का उल्लेख करते हैं, उनसे पूछिए कि राजधानी पटना में रात को हुई यह हत्या किस शासन का प्रतीक है? सरकार पूरी तरह विफल है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और रोज़ाना ऐसी घटनाएं हो रही हैं। मैं खेमका परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।”

भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “सरकार स्थिति पर पूरी निगरानी रख रही है। मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जंगलराज की बात करना अनुचित है। आज की स्थिति उस दौर से बिलकुल अलग है जब राज्य संरक्षित अपराध होते थे। अब सीएम हाउस से ऐसी घटनाएं पोषित नहीं होतीं।”

भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने इसे शासन के लिए बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा, “गोपाल खेमका एक व्यवसायी ही नहीं, बल्कि समाजसेवी भी थे। उनके परिजनों ने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छह साल पहले उनकी बेटी की भी हत्या हो चुकी है। सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना होगा।”