नई दिल्ली। हाल के दिनों में क्रिप्टो करंसी का चलन बढ़ा है। आर्थिक रूप से मजबूत वर्ग और युवाओं के बीच यह बेहद लोकप्रिय हो रहा था। केंद्र सरकार की इस पर नजर रही। लिहाजा, आम बजट 2022 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसको लेकर भी बातें की है। डिजिटल करेंसी शुरू करने का ऐलान हुआ है। वर्चुअल करेंसी पर सरकार ने 30 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की है। सरकार डिजिटल संपत्ति हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% कर लगाएगी। इसके अलावा क्रिप्टोकाउंक्शंस का उपहार प्राप्तकर्ता के अंत में कर लगाया जाएगा। हानि को किसी अन्य लाभ से समायोजित नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार ने कॉर्पोरेटिव टैक्स में बड़ी राहत दी है। बजट, 2022 में इसे 18 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कॉर्पोरेटिव सरचार्ज 12% से घटाकर 7% किया जाएगा। वहीं क्रिप्टो करेंसी निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। केंद्र ने डिजिटल करेंसी से होने वाली कमाई पर 30 फीसदी का टैक्स लगाने का ऐलान किया है।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि नए वित्त वर्ष में डिजिटल करेंसी की लॉन्चिंग होगी। उन्होंने बताया कि नए वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक डिजिटल करेंसी को लॉन्च करेगा। निर्मला सीतारमण ने बताया कि डिजिटल करेंसी की लॉन्चिंग से डिजिटल इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा।निर्मला सीतारमण ने बताया कि ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करके डिजिटल करेंसी शुरू की जाएगी।हमने टैक्स नहीं बढ़ाया। एक भी पैसा अतिरिक्त टैक्स के द्वारा कमाने की कोशिश नहीं की। पिछली बार प्रधानमंत्री का आदेश था कि घाटा कितना भी हो, महामारी में जनता पर टैक्स का बोझ नहीं डालना। इस बार भी वही निर्देश थे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मोदी सरकार के बजट को जमकर सराहा है जेपी नड्डा ने कहा कि बजट 2022-23 गरीब कल्याण बजट है। यह बजट एक साल के विकास के एजेंडे वाला बजट नहीं है बल्कि देश के अगले 25 साल की बुनियाद रखने वाला ब्लूप्रिंट है। बजट का आकार बढ़ाकर 39.45 लाख करोड़ करना कोरोना काल में भी भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में MSMEs को लगभग 6,000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। गरीबों के लिए अतिरिक्त 80 लाख घर बनाए जाएंगे।





















