नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन (COVID19 Vaccine) की मांग पूरे देश में है। कई राज्यों के कई केंद्र बंद कर दिए गए हैं। वहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। जब यह खबर चारों ओर आईं, तो 30 मई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया कि जून में 12 करोड डोज उपलब्ध हो जाएगा। अब महज तीन बाद ही सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि मीडिया में जो खबरें आईं, वह सही नहीं है।
बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW)ने मीडिया में आई उन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार बताया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि केंद्र ने जून में कोविड-19 रोधी 12 करोड़ टीके देने का वादा किया है, जबकि मई में उपलब्ध 7.9 करोड़ टीकों में से केवल 5.8 करोड़ टीके ही लगाए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मीडिया में कई अपुष्ट खबरें आ रही हैं जिसमें जनता को गलत सूचनाएं दी गई। मंत्रालय की ओर से आज जानकारी दी गई कि देश में अब तक लोगों को 21,85,46,667 कोविड-19 रोधी टीके लगाए जा चुके हैं।
इससे लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि जब सरकार को अपने कहे पर ही यकीन नहीं रहता है या वो अपने कहे पर अडिग नहीं रहती, तो हम किन बातों पर भरोसा करें और किसे खारिज कर दें। ऐसी स्थिति तो जनता के लिए त्रासद वाली है।
मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के लिए राष्ट्रीय टीका प्रशासन विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) पिछले साल अगस्त में गठित किया गया ताकि लाभार्थियों की प्राथमिकता, खरीद, टीकों के चयन और उसकी आपूर्ति समेत टीकों के सभी पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जा सके। उसने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में अपुष्ट उद्धरणों के आधार पर भारत की टीकाकरण नीति की आलोचना की गई है। मंत्रालय के एक जून को सुबह सात बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक से 31 मई तक राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 6.10 करोड़ टीके लगाए गए। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों के पास कुल 1.62 करोड़ टीके बचे हैं और उनका इस्तेमाल नहीं किया गया है। एक से 31 मई तक कुल 7.94 करोड़ टीके उपलब्ध कराए गए।





















