नई दिल्ली। अगर कोई ऐसा सोचता है कि सिर्फ पुरुष ही सेक्शुअल फैंटसीज डिवेलप करते हैं, तो आप गलत हैं। महिलाओं की भी सेक्शुअल फैंटसी होती है, फिर भले ही वे अपने पार्टनर से शेयर ना करें। सेक्स के दौरान आप चरम आनंद(ऑर्गैजम) महसूस नहीं करतीं तो आप अबनॉर्मल हैं…यह सोच 100 फीसदी गलत है, मिथ है।
मिथ नहीं, सच पर करें यकीन
बहुतों का मानना है कि लड़की अगर पहली बार सेक्स करे, तो प्रेगनेंट नहीं होती। आप पहली बार सेक्स करें या कई बार करें, प्रेगनेंट होने के चांस दोनों में हैं। इसलिए इस बहाने के नाम पर सेफ सेक्स को ना कहना भारी पड़ सकता है। पीरियड में सेक्स करने से प्रेग्नेंसी नहीं होती? कई औरतें ऐसे मिथ पर यकीन करती हैं कि पीरियड में सेक्स से प्रेग्नेंसी नहीं होती।
शिक्षा है जरूरी
शिक्षा की कमी और जागरुकता के अभाव के कारण लोगों में सेक्स को लेकर कई सवाल उठते हैं। जानकारी के अभाव में ही सेक्स को लेकर लोगों में हमेशा ही भ्रम बना रहता है। सेक्स के बारे में सही जानकारी न होने पर स्त्री और पुरूष इसके बारे में अंदाजा लगाते हैं जो कि गलत होता है। कई लोग तो सेक्स से कतराते भी हैं और कुछ जानकारी के अभाव में इसे अच्छी तरह से इंज्वॉय नहीं कर पाते। तनाव और थकान के चलते अक्सर पुरूष सेक्स में रुचि नहीं रखते हैं। एक रिसर्च के अनुसार 14 फीसदी पुरूष सेक्स के बारे में हर 7 मिनट में सोचते हैं।
जानकारी है जरूरी
सेक्स विशेषज्ञ लिंडसे पाल्मर का कहना है कि आप अपनी सेक्स लाइफ में सुधार लाने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। उनका कहना है कि ऑरल सेक्स भी वयस्क रिश्तों का एक सुखद और स्वस्थ भाग हो सकता है लेकिन इससे जुड़ी कुछ ऐसी बातें भी हैं जिनके बारे में अधिक लोग नहीं जानते। जैसे सेक्सुअली ट्रांसमिटिड डिजीज, एचआइवी या गले का कैंसर।















