मुंबई। महाराष्ट्र में सियासी बवंडर पूरे उफान पर है। शिवसेना के विधायकों ने बागी तेवर अपना लिया है। उद्धव सरकार के सामने संकट दिख रहा है। तमाम सहयोगी दलों के नेताओं की लगातार बैठक जारी है। इस बीच ही शिवसेना के विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल विधानसभा के उपाध्यक्ष से भी मिला। शिवसेना नेताओं ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा, जिसमें एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटाने और उनकी जगह अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल का नेता बनाने का अनुरोध किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि एकनाथ शिंदे कल शाम से गुजरात गए हैं और उनके साथ विधानसभा के सदस्य भी हैं। हमने राष्ट्रवादी कांग्रेस की कोई बैठक नहीं बुलाई। हमारे कई MLA मुंबई में ही हैं और मेरी बात उनसे लगातार हो रही है। हमारे संपर्क में सारे MLA हैं।
इससे पूर्व महाराष्ट्र कांग्रेस ने कहा कि बालासाहेब थोराट के कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफे से जुड़ी खबर भी गलत है क्योंकि वह अपने आवास से ही पूरे हालात पर नजर रख रहे हैं। कांग्रेस के सभी विधायक प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट के संपर्क में हैं और विधायकों के संपर्क में नहीं होने की जो भी खबरें हैं वह पूरी तरह निराधार हैं।
शिवसेना विधायकों और एकनाथ शिंदे पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमारी सरकार महाराष्ट्र में मजबूत है, सभी कांग्रेस विधायक और हमारा गठबंधन मजबूत है। जहां तक शिवसेना का सवाल है, उनके प्रमुख उद्धव ठाकरे सफलतापूर्वक हल निकालेंगे।
दूसरी ओर महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का कहना है कि राज्यसभा और MLC चुनावों के लिए BJP को निर्दलीय और छोटे राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है। हमारी जानकारी के अनुसार एकनाथ शिंदे और 35 विधायक जा चुके हैं। इसका मतलब है कि तकनीकी रूप से राज्य सरकार अल्पमत में है। लेकिन व्यावहारिक रूप से सरकार को अल्पमत में आने में कुछ समय लगेगा। अभी तक ऐसी कोई स्थिति नहीं है जो अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग करे। 18 जुलाई से विधानसभा का सत्र शुरू होगा और फिर हम इस पर गौर करेंगे।





















