आज निकल रही है रथयात्रा, पीएम मोदी ने देशवासियों को बधाई

दो साल तक कोरोना के कारण प्रसिद्ध रथयात्रा नहीं निकल पाई। आज से प्रसिद्ध पुरी सहित देश के कई प्रमुख शहरों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है। लोग विशेष पूजा अर्चना करने में लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्त देशवासियों को बधाई दी है।

नई दिल्ली। आज से शुरू हो रही रथ यात्रा के लिए पुरी में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। दो साल के अंतराल के बाद इस बार उत्सव में भक्तों की भागीदारी की अनुमति दी गई है।ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के लिए ‘पहंडी’ अनुष्ठान शुरू हो गया है। इस यात्रा के जरिए प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर जाते हैं। COVID महामारी के बाद दो साल के अंतराल के बाद इस बार रथ यात्रा में भक्तों की भागीदारी की अनुमति दी गई है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “रथयात्रा के विशेष दिन की बधाई। हम भगवान जगन्नाथ से उनके निरंतर आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। हम सभी को अच्छे स्वास्थ्य और खुशियां मिले।”

एक श्रद्धालु ने बताया,” 2 साल बाद हम यहां आए हैं, बहुत खुशी है। जगन्नाथ जी पर लोगों की श्रद्धा और आस्था आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी हमेशा से थी। लोग कहते हैं कि इस रथ को खींचना अपने आप में एक अच्छी अनुभूति है। जो भी इस रथ को खींचता हैं, जगन्नाथ जी की उस पर विशेष कृपा होती है।”

भुवनेश्वर में एक कलाकार ने चॉक और माचिस की तीलियों से एक छोटा जगन्नाथ रथ बनाया। एल. इश्वर राव, कलाकार ने कहा कि पिछले 2 साल रथ यात्रा भक्तों के बिना हुई थी लेकिन इस बार यह यात्रा भक्तों के साथ हो रही है। मैं कुछ बनाना चाहता था, तो मैंने 7.5 इंच का रथ बनाया है जिसमें 15 दिन लगें।

अहमदाबाद में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ‘मंगला आरती’ में हिस्सा लिया तो वहीं मुख्यमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी रथयात्रा की पूजा में शामिल हुए ।

पुरी में रथ यात्रा को लेकर शेड्यूल जारी किया गया है :
01 जुलाई 2022 (शुक्रवार)- रथ यात्रा प्रारंभ
05 जुलाई (मंगलवार)- हेरा पंचमी (पहले पांच दिन गुंडिचा मंदिर में वास करते हैं)
08 जुलाई (शुक्रवार)- संध्या दर्शन
09 जुलाई (शनिवार)- बहुदा यात्रा (तीनों रथ की घर वापसी)
10 जुलाई (रविवार)- सुनाबेसा
11 जुलाई (सोमवार)- आधर पना
12 जुलाई (मंगलवार)- नीलाद्री बीजे