
वाशिंगटन। कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका की तूती कई जगह बोलती है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने सूडान में तख्तापलट के बाद उसे दी जाने वाली 70 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद को रोक दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि खार्तूम में मौजूदा घटनाक्रम की समीक्षा लंबित होने के मद्देनजर सहायता के पूर्ण पैकेज पर ‘‘रोक’’ लगाई जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के धीमे होने की शिकायतों को स्वीकार करते हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों को बाहर करना तथा सरकारी संस्थानों को भंग करना, दोनों ही सूडान की संवैधानिक घोषणा का उल्लंघन हैं और सूडान के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का हनन करते हैं।’’ प्राइस ने कहा कि निलंबित सहायता, प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता थी, जिसका उद्देश्य देश में पूर्ण रूप से असैन्य सरकार का निर्माण करना था।
सूडान की सेना ने सोमवार को तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी और प्रधानमंत्री तथा सत्ता हस्तांतरण सरकार के अन्य अधिकारियों को हिरासत में ले लिया था। अमेरिका के कई अधिकारियों ने इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के धीमे होने की शिकायतों को स्वीकार करते हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों को बाहर करना तथा सरकारी संस्थानों को भंग करना, दोनों ही सूडान की संवैधानिक घोषणा का उल्लंघन हैं और सूडान के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का हनन करते हैं।’’




















