रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत के तीनों सेना हर जवाब देने में सक्षम

चाणक्य ने अपनी पुस्तक ‘अर्थशास्त्र‘ में विस्तार से सैन्य रणनीति और राज्य की सुरक्षा में सेना के महत्व की चर्चा की है। देश के लिए मर मिटने का भाव देश की सैन्य और सांस्कृतिक परम्परा है।

नई दिल्ली। स्वतंत्रता के 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में डीआरडीओ भवन में आज़ादी का अमृत महोत्सव से संबंधित रक्षा मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षा मंत्रालय के द्वारा ये कार्यक्रम आज़ादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किए गए हैं। इसमें सभी विभागों का सम्मिलित प्रयास है।राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना मनुष्य के हृदय की सबसे बलवती भावना होती है। राष्ट्रीय स्वाभिमान को दुनिया की कोई ताकत चुनौती देती है तो उसका मुकाबला करने के लिए हमारे तीनों सेना के जवान तैयार हो जाते हैं और मुंहतोड़ जवाब देते हैं।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि 75 साल पहले हम आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे थे, आज आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये सौभाग्य का क्षण है। 75 साल पहले हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आवश्यकता पड़ने पर पहाड़ों में शरण ली आज हम उन्हीं पहाड़ों पर पर्वत अभियान कर रहे हैं। हमारे सामने लक्ष्य होना चहिए, अगले 25 वर्षों का, यानि 2047 तक का जब देश आज़ादी का शताब्दी वर्ष मनायेगा। अगले 25 सालों में हमें किन संकल्पों पर काम करना है उन पर इस ‘अमृत महोत्सव‘ में संकल्पबद्ध तरीके से आगे बढ़ना है।

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ भवन में आज़ादी का अमृत महोत्सव से संबंधित रक्षा मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत की। रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना की टीम के पर्वतीय अभियान को हरी झंडी दिखाई। जब ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत महोत्सव‘ की शुरूआत की थी तो उन्होंने देश के सामने एक तस्वीर खींची थी जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया था यह अमृत महोत्सव कैसे होना चाहिए।