पीएम मोदी ने साफ कहा, भारतीय छात्रों को निकालता है सरकार की प्राथमिकता

भारत ने दोनों देशों के बीच शांति बहाली के प्रयासों में किसी भी तरह से योगदान करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। मोदी ने वहां जारी संघर्ष की वजह से जान व माल को हुए नुकसान पर गहरी पीड़ा व्यक्त की।

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच भारत सरकार की नजर पूरे घटनाक्रम पर है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में रविवार रात एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा और निकासी को प्राथमिकता दी। निकासी में तेजी लाने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ और ज़्यादा सहयोग बढ़ाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो भारत सरकार ”ऑपरेशन गंगा” के तहत 2 मार्च तक 7 और चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है। इनमें 2 फ्लाट का संचालन इंडिगो एयरलाइन कंपनी करेगी। बता दें कि यूक्रेन में अभी लगभग 16000 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं।

बैठक में मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यूक्रेन-रूस संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्च स्तरीय बैठक 2 घंटे से अधिक चली। बैठक में पीएम ने कहा कि हमारे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें यूक्रेन से निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा निकासी में तेजी लाने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। उधर पोलैंड के वारसॉ में भारतीय दूतावास ने पोलैंड के रास्ते यूक्रेन से निकाले जाने के इच्छुक भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों को पोलैंड में प्रवेश के लिए ले जाने के लिए यूक्रेन की सीमा पर शेहिनी में 28 फरवरी से दस बसों की व्यवस्था की गई है।

वहीं, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि, रोमानिया और हंगरी के लिए बॉर्डर क्रॉसिंग कार्यरत है। पोलैंड के लिए बॉर्डर के रास्ते लाखों की संख्या में यूक्रेनी नागरिक और दूसरे देशों के लोगों द्वारा यूक्रेन छोड़ने के प्रयास के चलते वहां समस्या का सामना करना पड़ रहा है।रूस से लगते यूक्रेन के इलाकों में फंसे भारतीयों के बारे में बोलते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि, हमारे मास्को में दूतावास से लोगों की एक टीम को वहां भेजा है ताकि उस क्षेत्र की मैपिंग हो जाए और ट्रांसपोर्ट का, खाने का, रहने का इंतजाम किया जाए। अभी तो ये संघर्ष क्षेत्र है। जैसे ही हमें सूचना मिलेगी कि इस क्षेत्र से हम भारतीयों को निकाल सकते हैं, ऑपरेशन चलाकर उन्हें निकाला जाएगा। मेरी आज यूक्रेन और रूस दोनों के राजदूतों से बात हुई। मैंने उनका समर्थन मांगा है।