नई दिल्ली। मॉन्डेलीज़ इंटरनेशनल ने आज अपनी तीसरी ग्लोबल कंज्यूमर ट्रेंड्स स्टडी “स्टेट ऑफ स्नैकिंग™” रिपोर्ट को लॉन्च किया है। इस रिपोर्ट में उपभोक्ताओं की जिंदगी में स्नैकिंग द्वारा निभाई जाने वाली व्यापक भूमिका पर जोर दिया गया है। साथ ही महामारी के कारण आए बदलावों से संचालित उभरते रुझानों पर भी जानकारी मुहैया कराई गई है। इस साल भी, भारतीय ट्रेंडसेटर्स बनकर उभरे हैं और स्नैकिंग ने उल्लेखनीय गति से पारंपरिक भोजन की जगह ली है। 74 प्रतिशत वयस्कों ने भारी-भरकम भोजन करने के बजाए पूरे दिन छोटी-छोटी मात्रा में कुछ-कुछ खाते रहना पसंद किया है। वहीं, 81 प्रतिशत ने संकेत दिया है कि वे हर दिन कम से कम एक बार के भोजन की जगह एक स्नैक ले रहे हैं। उपभोक्ता हमेशा सही स्नैक की तलाश में रहते हैं।
स्टेट ऑफ स्नैकिंग रिपोर्ट से मिली जानकारियां न केवल उपभोक्ताओं की जिंदगियों में स्नैकिंग के व्यापक अर्थ को बयां करती हैं। बल्कि यह विभिन्न श्रेणियों में भावी नवाचारों के माध्यम से स्नैकिंग की दुनिया में मांग में आए अंतर को कम करने के अवसरों के बारे में भी बताती हैं। दरअसल, स्वाद और आनंद के छोटे-छोटे पलों का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। 76 प्रतिशत वयस्कों ने बताया कि वे अपने पूरे दिन के दौरान मीठे के बिना अपनी दुनिया की कल्पना नहीं कर सकते। अधिकांश भारतीयों का कहना है कि चॉकलेट्स (78% ) एवं जन्मदिन के केक (78% ) को लेकर भी वह ऐसा ही महसूस करते हैं। यही नहीं, खाने के उत्पाद नंबर 1 स्थान पर हैं, 75 प्रतिशत उपभोक्ता खरीदारी के दौरान श्रेणी में अधिकतम विकल्पों की तलाश में रहते हैं।
मॉन्डेलीज़ इंडिया में मार्केटिंग के वाइस प्रेसिडेंट अनिल विश्वनाथन ने बताया, “स्नैकिंग भारत की खान-पान संस्कृति का अहम हिस्सा बनी हुई है, और यह सामाजिक जुड़ावों को भी बढ़ावा देती है। साथ ही यह खुशनुमा अहसास का भी शानदार स्रोत है और एक दूसरे को करीब लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्नैकिंग की भूमिका हमारी जिंदगी में महत्वपूर्ण हो गई है, और इसकी मदद से भारतीय उपभोक्ता काफी प्रयोगात्मक हो गए हैं। वैरायटी, स्वाद और सुलभता के अलावा, हमारा अध्ययन स्नैकिंग और सेहत के बीच एकदम स्पष्ट संबंध की ओर संकेत करता है। ग्राहक सही तरीके से स्नैकिंग करना पसंद कर रहे हैं। वहीं, खरीदारी के उचित विकल्पों के लिए भी मांग बढ़ रही है। उपभोक्ता खरीदारी के दौरान सामग्री, उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक पर पूरा ध्यान देते हैं। अब जब हम स्नैकिंग के भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, तो यह जानकारियां सही स्नैक लेने में लोगों को सशक्त बनाने के हमारे उद्देश्य को मजबूत ही करती हैं।”















