वाराणसी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को रविदास जयंती के मौके पर वाराणसी के ‘सीर गोवर्धन’ पहुंचकर संत रविदास को श्रद्धांजलि देने के बाद अमृत वाणी सुनी एवं प्रसाद ग्रहण किया। राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री अजय राय सहित कई कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
राहुल एवं प्रियंका हवाई अड्डे से सड़क मार्ग के जरिए सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंच कर दोनों ने संत रविदास की प्रतिमा को नमन किया और उनका आशीर्वाद लिया। दोनों ने वहां अमृत वाणी सुनी। प्रियंका ने वहां सेवा कर रही महिलाओं से भेंट की, जबकि राहुल गांधी ने लंगर में अपनी सेवा दी और प्रसाद बांटा। इसके बाद प्रियंका और राहुल गांधी ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।
Shri @RahulGandhi & Smt. @priyankagandhi offering humble langar seva on the occasion of Sant Shiromani Guru Ravidas ji Jayanti, at Seer Goverdhanpur, Varanasi. pic.twitter.com/pE4ovKLom8
— Congress (@INCIndia) February 16, 2022
इसके पहले, प्रियंका गांधी ने संत रविदास के एक दोहे का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था कि वह हर साल की तरह आज भी गुरु रविदास की जन्मस्थली पर मत्था टेकेंगी। वाद्रा ने ट्वीट किया कि उन्हें आज अपने भाई के साथ गुरु रविदास की जन्मस्थली जाने में और भी खुशी हो रही है।
"न तसवीस खिराजु न माल ।। खउफ न खता न तरस जवाल…काइम दाइम सदा पातिसाही, दोम न सेम एक सो आही…जो हम सहरी, सु मीत हमारा।।"
हर साल की तरह आज के दिन वाराणसी स्थित संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की जन्मस्थली पर मत्था टेकूँगी। आज भाई के साथ जाने में और भी ख़ुशी हो रही है। pic.twitter.com/vb4PM6YCNF
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 16, 2022
इसके बाद, उन्होंने एक वीडियो ट्विटर पर साझा किया, जिसमें वह और राहुल गांधी संत रविदास की जन्मस्थली पर एक कार्यक्रम में शामिल होते दिख रहे हैं।
सब के साथ स्नेह का लंगर! https://t.co/gIBYVWbevt
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 16, 2022
राहुल गांधी ने भी संत रविदास की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह और प्रियंका गांधी वाद्रा संत रविदास की समाधि पर फूल चढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने रविदास का दोहा लिखते हुए ट्वीट किया, ‘जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात, रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात। संत गुरु रविदास को हमारा नमन।’





















