लखनऊ। एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) में फर्जी रजिस्ट्री घोटाले को लेकर उत्तर प्रदेश एसटीएफ (विशेष कार्य बल) की सख्त कार्रवाई जारी है। अब तक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी STF ने मंगलवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने इस घोटाले से जुड़े सक्रिय सदस्य सुशील मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई है जब एलडीए की जमीन आवंटन से जुड़ी 45 फाइलों में से 24 फाइलों के रहस्यमयी ढंग से गायब होने का बड़ा खुलासा हुआ है। STF पहले ही 21 फाइलों की रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है, लेकिन शेष फाइलों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
इससे पहले STF ने इस फर्जीवाड़े में शामिल अचलेश्वर गुप्ता, मुकेश मौर्य, धनंजय सिंह, राम बहादुर सिंह, राहुल सिंह और सचिन को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 23 फर्जी रजिस्ट्री के दस्तावेज, बैंक पासबुक और चेक बरामद किए गए थे।
STF सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने सरकारी जमीनों को अवैध तरीके से लोगों के नाम रजिस्ट्री कराने का नेटवर्क तैयार कर रखा था, जिसमें एलडीए से जुड़े कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी संदेह के घेरे में है। मामले में STF की जांच लगातार जारी है और और भी खुलासे होने की संभावना है।















