देश भर में मनाया जा रहा है वैशाखी, दो साल बाद हरिद्वार में दिखा लोगों की भीड़

दरअसल, इस माह रबी फसल पक कर तैयार हो जाती है और काटना शुरू कर देते हैं। इसी कारण किसान लोग अपनी खुशी त्योहार के रूप में मनाते हैं।सिख धर्म के साथ-साथ हिंदू धर्म में भी बैसाखी पर्व का अधिक महत्व है। इस दिन स्नान-दान और पूजा पाठ करने का विधान है।

नई दिल्ली। आज पूरे देश में वैशाखी का पर्व मनाया जा रहा है। कोरोना के दो साल के बाद लोग आम जीवन में बेखौफ होकर अब त्योहार को मना रहे हैं। इस अवसर पर हरिद्वार में बैसाखी पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई।बैसाखी पर्व के अवसर पर लोगों ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अरदास की और स्नान किया।

हरिद्वार पुलिस ने कहा कि कोरोना के बाद आज पहली बार किसी बड़े स्नान का आयोजन हुआ है। श्रद्धालु भी काफी संख्या में पहुंचे हुए हैं। कल से ही प्रशासन मुस्तैद है। पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग जो़न बनाकर प्रशासन की तैनाती की गई है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वैशाखी, विशु, रोंगाली बिहू, नब वर्ष, वैशाखड़ी और पुतान्दु पिरापु की देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “वैशाखी, विशु, रोंगाली बिहू, नब वर्ष, वैशाखड़ी और पुतान्दु पिरापु के शुभ अवसर पर, मैं भारत और अन्य देशों में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। हमारे देश में मनाए जाने वाले ये त्योहार हमारी विविधता को दर्शाते हैं और हमारी एकता को रेखांकित करते हैं। राष्ट्र की भलाई और प्रगति के लिए कड़ी मेहनत करने वाले कृषक समुदाय के लिए ये त्योहार विशेष हर्ष के अवसर होते हैं। आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए कार्य करने तथा राष्ट्र की प्रगति के लिए एकता और भाईचारे का संदेश फैलाने का संकल्प लें।”