पाकिस्तान में गठबंधन सरकार के आसार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में हिंसा और इंटरनेट बंद होने के कारण हुए मतदान के एक दिन बाद वोटों की गिनती जारी है। पाकिस्तान ने गुरुवार को अपनी नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया। जियोटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की पार्टी समर्थित उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि नवाज शरीफ के सहयोगी इशाक डार ने कहा कि उनकी पार्टी स्वतंत्र विजेताओं के साथ गठबंधन सरकार बनाएगी। साथ ही इशाक डार ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार नवाज शरीफ की पार्टी के संपर्क में हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने शुक्रवार को जियो न्यूज से बात करते हुए कहा कि निर्दलियों ने हमसे संपर्क किया है, और वे संविधान के अनुसार अगले 72 घंटों में किसी भी पार्टी में शामिल हो जाएंगे।

ईसीपी द्वारा घोषित अनंतिम परिणामों के अनुसार, पीएमएल-एन नेता मरियम नवाज ने 83,855 वोटों के साथ लाहौर में एनए-119 सीट जीती है। यह पहली एनए सीट है जिसे उन्होंने जीता है। पीटीआई समर्थित शहजाद फारूक 68,376 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। प्रधानमंत्री और पीएमएलए चीफ शाहबाज शरीफ ने भी लाहौर की एनए-123 सीट से जीत दर्ज की है।

मुकाबले में प्रमुख राजनीतिक दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) हैं, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ कर रहे हैं। 2013 में स्पष्ट बहुमत के साथ तीसरी बार सत्ता में आई पार्टी एक और जीत हासिल करना चाह रही है। जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), जिसका नेतृत्व दिवंगत नेता बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो कर रहे हैं।

धमाकों, आरोपों और सलाखों के साए में किसी तरह पाकिस्तान के चुनाव निपट ही गए। अब पाकिस्तान में तो शर है कि आएंगे तो शरीफ ही। सबसे ज्यादा हवा सेना का आशीर्वाद पाए नवाज शरीफ की है। जिन्हें पाकिस्तान के ज्यादातर विशेषज्ञ नया प्रधानमंत्री मान रहे हैं। लेकिन इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री और नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ के एक बयान ने पाकिस्तान के चुनाव में असमंजस पैदा कर दिया है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बनेंगे या फिर नवाज शरीफ। शहबाज शरीफ कौन सा बड़ा फैसला लेने की बात कर रहे हैं। अगर पाकिस्तान मुस्लिम लीग एन को बहुमत नहीं मिलता तो शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री का प्लान तैयार है।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में पीएमएलएन को बहुमत नहीं मिलता है तो शहबाज शरीफ भी प्रधानमंत्री बनाए जा सकते हैं। इमरान खान को सत्ता से हटाने वाले गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट में शामिल पार्टियां इस गठबंधन में फिर से मिल सकती है। लेकिन इस गठबंधन के मुखिया बिलावल भुट्टो जरदारी नवाज शरीफ के विरोध में हैं। ऐसे में शहबाज शरीफ के नाम पर गठबंधन में सरकार बन सकती है और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी इसके संकेत भी दे चुकी है। ऐसे में देखना होगा कि प्रचार के दौरान बार बार पाकिस्तान मुस्लिम लीग के साथ न जाने का दावा करने वाले बिलावल पिघल सकते हैं। शहबाज शरीफ के बयान के बाद बिलावल भुट्टो से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को ज्यादा सीटें मिली तो प्रधानमंत्री वो बनेंगे। अगर पीएमएलएन को ज्यादा सीटें मिली तो वो खुद तय कर लेंगे।