क्यों नहीं कोयले पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए दुनिया हो रही है एकमत

पेरिस सम्मेलन के बाद कई मंचों पर लगातार पर्यावरण सरंक्षण और प्रदूषण को लेकर आवाज बुलंद किया जा रहा है। अभी ग्लासगो सम्मेलन में भी प्रदूषण को लेकर वैश्विक नेताओं ने चिंता जाहिर की है। बावजूद इसके कोयले के उपयोग को लेकर एकमत नहीं दिख रहा है।

ग्लासगो। प्रदूषण का हल्ला और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भले ही वैश्विक स्तर पर वार्ताएं चल रही हों, लेकिन प्रदूषण के कारणों और उसके रोकने के लिए हर देश के वार्ताकार एक मंच पर एकमत होते नहीं दिख रहे हैं। पर्यावरण के सामने कई प्रकार की चुनौतियां हैं, जिस पर लगातार बात हो रही है।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में वार्ताकार कोयले के सभी प्रकार के इस्तेमाल को समाप्त करने और जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म करने के आह्वान से पीछे हटते दिखाई दिए। हालांकि गरीब देशों को ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिये और वित्तीय मदद दिये जाने की उम्मीद जगी है।

शुक्रवार को जारी नवीनतम मसौदा प्रस्ताव में देशों से ‘कोयले से उत्पन्न होने वाली बिजली और जीवाश्म ईंधन के लिए सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से बंद करने’ की प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया गया है। एक ओर इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को वार्ता के अंतिम दिन और चर्चा होने की संभावना है, तो दूसरी ओर इसकी